इंसान नहीं ‘सुपर कंप्यूटर’ हैं बारां के मोहित गुप्ता! 10,000 साल का कैलेंडर याद, दिमाग में छप जाती है हर फोटो

Last Updated:April 29, 2026, 14:27 IST
Mohit Gupta Memory Doctor Baran: राजस्थान के बारां जिले के मोहित गुप्ता, जिन्हें ‘मेमोरी डॉक्टर’ के नाम से जाना जाता है, अपनी अद्भुत याददाश्त के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हो रहे हैं. उनकी फोटोग्राफिक और ऑडिटरी मेमोरी इतनी तेज है कि वे किसी भी जानकारी को एक बार देखकर या सुनकर हमेशा के लिए याद रख सकते हैं. मोहित 10 हजार साल तक का कैलेंडर और जटिल नंबर याद रखने में माहिर हैं, जिसके लिए उनका नाम इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है. वे मेमोरी को एक साइंटिफिक स्किल मानते हैं और अब वर्कशॉप्स के जरिए हजारों युवाओं को दिमागी क्षमता बढ़ाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं.
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कोटा की न्यूज
कोटा: आज के डिजिटल युग में जहां हम छोटी-छोटी बातों के लिए मोबाइल के ‘नोट्स’ या गूगल पर निर्भर हैं, वहीं राजस्थान के बारां जिले के एक युवा ने अपनी दिमागी शक्ति से पूरी दुनिया को अचंभे में डाल दिया है. जिन्हें आज लोग प्यार से ‘मेमोरी डॉक्टर’ के नाम से जानते हैं. उनकी याददाश्त इतनी सटीक है कि वे किसी भी जानकारी को एक बार देख लें या सुन लें, तो वह उनके दिमाग में हमेशा के लिए दर्ज हो जाती है.
बारां के डॉक्टर मोहित गुप्ता के इस असाधारण सफर की शुरुआत किसी सामान्य ट्रेनिंग से नहीं, बल्कि कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण लॉकडाउन के दौरान हुई थी. जब पूरी दुनिया घरों में कैद थी, मोहित ने इंसानी दिमाग की कार्यप्रणाली को समझने और उसे प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया. उन्होंने मेमोरी तकनीकों पर शोध किया और अभ्यास शुरू किया. धीरे-धीरे उनकी याद रखने की क्षमता इस स्तर पर पहुंच गई कि वे जटिल से जटिल आंकड़ों को मिनटों में याद करने लगे.
फोटोग्राफिक और ऑडिटरी मेमोरी का जादूमोहित की सबसे बड़ी ताकत उनकी फोटोग्राफिक और ऑडिटरी मेमोरी है. फोटोग्राफिक मेमोरी का अर्थ है कि वे किसी पन्ने या दृश्य को एक बार देख लें, तो उसकी तस्वीर उनके दिमाग में छप जाती है. वहीं, ऑडिटरी मेमोरी की बदौलत वे सुनी हुई बातों को हूबहू दोहरा सकते हैं. उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे 10 हजार साल तक का कैलेंडर अपनी उंगलियों पर याद रखते हैं. आप उनसे किसी भी सदी की कोई भी तारीख पूछें, वे पलक झपकते ही दिन बता देंगे. इसके अलावा, हजारों अंकों वाले जटिल नंबरों को याद रखना उनके लिए बाएं हाथ का खेल बन गया है.
दिमागी शक्ति किसी चमत्कार से कम नहींउनकी इस अद्भुत काबिलियत को केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है. मोहित गुप्ता का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में गौरव के साथ दर्ज किया जा चुका है. ये उपलब्धियां साबित करती हैं कि उनकी दिमागी शक्ति किसी चमत्कार से कम नहीं है, लेकिन मोहित इसे चमत्कार मानने से इनकार करते हैं.
मोहित गुप्ता का मानना है कि याददाश्त कोई दैवीय उपहार नहीं, बल्कि एक साइंटिफिक स्किल (वैज्ञानिक कौशल) है. वे कहते हैं, “इंसानी दिमाग की क्षमता असीमित है, बस हमें उसे सही तरीके से इस्तेमाल करना नहीं आता.” उनके अनुसार, सही तकनीकों और निरंतर अभ्यास से कोई भी अपनी मेमोरी और फोकस को कई गुना बढ़ा सकता है.
मोहित आज युवाओं के लिए एक बड़े आइकन बन चुके हैंआज मोहित केवल खुद तक सीमित नहीं हैं. वे सोशल मीडिया और विभिन्न वर्कशॉप्स के माध्यम से हजारों छात्रों और युवाओं को मेमोरी ट्रेनिंग दे रहे हैं. वे छात्रों को बताते हैं कि कैसे कठिन विषयों, इतिहास की तारीखों और वैज्ञानिक सूत्रों को आसानी से याद रखा जाए. बारां जैसे छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले मोहित आज युवाओं के लिए एक बड़े आइकन बन चुके हैं.
सुपर कंप्यूटर को मात दे रहेमोहित गुप्ता की कहानी हमें सिखाती है कि साधन कम होने पर भी अगर संकल्प मजबूत हो, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है. उनकी यह उपलब्धि न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है. वे एक जीवित मिसाल हैं कि अगर हम अपने मस्तिष्क को सही दिशा में प्रशिक्षित करें, तो वह किसी भी सुपर कंप्यूटर को मात दे सकता है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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First Published :
April 29, 2026, 14:16 IST



