IAS से किसान बने प्रेम मीणा, 5 एकड़ में लगाए 18 हजार पौधे, 30-40 टन उत्पादन, जानें कहां से मिली प्ररेणा

अलवर. राजस्थान के अलवर जिले में किसान कृषि के क्षेत्र में नए-नए नवाचार करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. किसान सोशल मीडिया पर अन्य किसानों से प्रेरणा लेकर अलवर में खेती कर रहे हैं. जिले के एक आईएएस अधिकारी प्रेम प्रकाश मीणा ने यूट्यूब पर अन्य किसान द्वारा की जा रही खेती को देखकर अपनी जमीन पर हाईटेक तरीके से खेती करने का निर्णय लिया. आईएएस अधिकारी ने अपने खेतों में उद्यान विभाग से सलाह लेकर 5 एकड़ जमीन में शिमला मिर्च की खेती की जिसकी देखभाल अब इस अधिकारी के पिता कर रहे हैं.
अलवर जिले में तैयार होने वाली शिमला मिर्च को खास माना जाता है] जिनकी डिमांड दिल्ली एनसीआर के बड़े शहरों में रहती है. जहां सबसे ज्यादा डिमांड दिल्ली और गुरुग्राम में होती है. अलवर के समीप एक गांव में पॉलीहाउस लगाकर तैयार की जारी हाईटेक तरीके से शिमला मिर्च की खेती की उद्यान विभाग ने सराहना की और अन्य किसानों को यहां का भ्रमण कराकर किसानों को इस फसल के बारे में जानकारी दी जा रही है.
अलीगढ़ में नगर निगम आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं
आईएएस अधिकारी प्रेम प्रकाश मीणा उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में नगर निगम आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं और उनके पिताजी काडूराम पॉलीहाउस में खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि शिमला मिर्च की खेती पोली हाउस के अंदर कर रखी है. जिसको हाइड्रोपोनिक सिस्टम से खेती कर रहे हैं. इसके बारे में उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से भीलवाड़ा में किसान खेती करते थे वहां से आइडिया लेकर अलवर में भी खेती करना शुरू किया. किसान ने बताया कि इसका बीज जयपुर से आता है. शिमला मिर्च का एक बीज करीब ₹10 में आता है. एक पेड़ में करीब ढाई किलो मिर्च का उत्पादन हो जाता है.
तीन साल से खेती कर रहे हैं आईएएस प्रेम प्रकाश मीणा
इस खेती को करते-करते आईएएस प्रेम प्रकाश मीणा को करीब 3 साल हो गए. पॉलीहाउस के अंदर 18000 पौधे लगाकर शिमला मिर्च की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल पॉलीहाउस से प्रोडक्शन करीब 33 टन तैयार हुआ था. वहीं इस साल 30 टन प्रोडक्शन तैयार कर दिया है. उन्होंने उम्मीद लगाई कि इस बार 40 तान के आस-पास प्रोडक्शन हो जाएगा. शिमला मिर्च के दाम इस साल कम है. उन्होंने बताया कि अभी तक 20 लाख रुपए की शिमला मिर्च मंडी में बेची जा चुकी है.
पॉली हाउस में खेती करने पर 70% सब्सिडी मिली.
आईएएस प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि पॉलीहाउस में शिमला मिर्च अच्छी तरह से तैयार हो इसके लिए एग्रोनॉमिस्ट रखे हुए हैं, जो पौधों की जरूरत के हिसाब से उसमें समय-समय पर पानी, जैविक खाद सहित अन्य चीजों का ध्यान रखते हैं. उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस में शिमला मिर्च के साथ चेरी टमाटर और देसी टमाटर, पालक, भिंडी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खेती की जारी है. अलवर में शिमला मिर्च तैयार कर रहे किसान ने बताया कि इसकी खास विशेषता यह है की पूरी तरह सेऑर्गेनिक तरीके से तैयार की जा रही है. जिसमें लाल और पीली शिमला मिर्च तैयार कर रहे हैं. जिनको दिल्ली और गुरुग्राम में फास्ट फूड और होटल वाले ज्यादा खरीदने हैं.
उन्होंने बताया कि अलवर एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट किसानों सहित स्कूली बच्चों को यहां पर भ्रमण करने के लिए लाते हैं. उन्होंने बताएं कि पिछले साल शिमला मिर्च ₹320 किलो मुझे दामों में बिकी. वहीं इस साल दाम कम होने से 270 रुपए किलो बिकी है. उन्होंने बताया कि एक पॉलीहाउस लगाने पर सरकार द्वारा उनका 70% सब्सिडी दी गई. जिसमें 100% लागत में से 30% किसान ने वहन किया.



