Senu Sapera: पेरिस में पीएम मोदी संग सेनू सपेरा की सेल्फी, राजस्थान की लोक संस्कृति को मिला वैश्विक सम्मान

Last Updated:June 22, 2026, 18:00 IST
Senu Sapera: जोधपुर के ओसियां क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय कालबेलिया लोक कलाकार सेनू सपेरा ने पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उनके साथ यादगार सेल्फी खिंचवाई. राजस्थान की लोक कला और कालबेलिया नृत्य को दुनिया भर में पहचान दिलाने वाली सेनू पिछले कई वर्षों से विदेशों में भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रही हैं. फ्रांस समेत कई देशों में हजारों विदेशियों को कालबेलिया नृत्य सिखा चुकी सेनू ने इस मुलाकात को अपने जीवन का गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण बताया. इससे पहले भी वह वर्ष 2023 में पीएम मोदी से मिल चुकी हैं.
जोधपुर. राजस्थान की लोक संस्कृति की खुशबू एक बार फिर विदेश की धरती पर बिखरती नजर आई. जोधपुर जिले के ओसियां की अंतरराष्ट्रीय कालबेलिया लोक कलाकार सेनू सपेरा ने पेरिस में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात कर सेल्फी खिंचवाई. वर्षों से विदेशों में राजस्थान की लोक कला और कालबेलिया नृत्य का परचम लहराने वाली सेनू सपेरा ने इस खास पल को अपने जीवन का यादगार क्षण बताया. अंतरराष्ट्रीय कालबेलिया लोक कलाकार सेनू सपेरा विदेशियों को कालबेलिया नृत्य सिखाती हैं. इसके लिए वह 6 महीने पेरिस और 6 महीने भारत में रहती हैं.
2023 में भी पीएम से मिली थीसेनू सपेरा ने बताया कि पेरिस में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग आज पीएम के 12 साल कार्यकाल पूरा होने की बधाई देने पहुंचे थे. मैं भी वहां गई थी जहां पीएम के साथ सेल्फी खिंचवाई. यह काफी सुंदर पल था, इस दौरान राजस्थान के और भी लोग वहां मौजूद थे. उन्होंने इससे पहले वर्ष 2023 में भी इसी होटल में पीएम से मुलाकात कर उनके साथ तस्वीर ली थी. ओसियां के पली क्षेत्र निवासी सेनू ने हजारों विदेशियों को राजस्थान की लोक कला, संस्कृति और नृत्य सिखाया है, यह क्रम लगातार जारी है.
दर्जनों देशों में फैला चुकी हैं राजस्थान की लोक संस्कृतिओसियां क्षेत्र की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार सेनू सपेरा सिर्फ एक कालबेलिया डांसर ही नहीं, बल्कि राजस्थान की लोक संस्कृति की वैश्विक पहचान बन चुकी हैं. सेनू फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी, इटली, स्पेन, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों में प्रस्तुति दे चुकी हैं और हजारों विदेशी नागरिकों को कालबेलिया नृत्य का प्रशिक्षण भी दे चुकी हैं. पिछले कई वर्षों से वह छह महीने पेरिस और छह महीने भारत में रहकर राजस्थान की लोक कला, संगीत और संस्कृति को दुनिया भर में पहुंचाने का काम कर रही हैं. उनकी कार्यशालाओं और प्रस्तुतियों के जरिए विदेशी युवाओं में कालबेलिया नृत्य के प्रति खासा आकर्षण देखने को मिलता है.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
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