जोधपुर अस्पताल मामले में हलचल! मरीजों का हाल जानने सेटेलाइट अस्पताल पहुंचे अशोक गहलोत, डॉक्टरों से मांगी रिपोर्ट

Last Updated:June 23, 2026, 15:18 IST
Ashok Gehlot Visit Satellite Hospital Jodhpur: जोधपुर के पावटा अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी बीच राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सेटेलाइट अस्पताल पहुंचे और वहां भर्ती महिलाओं से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. उन्होंने प्रसूताओं और उनके परिजनों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें बेहतर उपचार का भरोसा दिलाया. दौरे के दौरान गहलोत ने सेटेलाइट अस्पताल के पीएमओ डॉ. कुलबिर सिंह से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और उपचार व्यवस्था की समीक्षा की. उन्होंने अस्पताल प्रशासन को मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए. इस मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीमों को भी सक्रिय किया गया है.
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहुंचे सेटेलाइट अस्पताल
जोधपुर. जोधपुर के पावटा अस्पताल में प्रसूताओं (डिलीवरी वाली महिलाओं) की अचानक तबीयत बिगड़ने के गंभीर मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस घटना के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद एक्शन मोड में नजर आए. उन्होंने जोधपुर दौरे के दौरान सीधे सेटेलाइट अस्पताल पहुंचकर भर्ती प्रसूताओं और उनके परिजनों से मुलाकात की और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने मीडिया से भी विस्तार से बात की और प्रशासन की जवाबदेही से लेकर जांच कमेटियों तक के मुद्दे पर अपनी बात रखी.
दरअसल जोधपुर के पावटा अस्पताल में प्रसव के बाद कई महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. महिलाओं को तेज बुखार, यूरिन इन्फेक्शन और कंपकंपी जैसी शिकायतें होने लगीं, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया था. संक्रमण या किसी दवा के रिएक्शन की आशंका के चलते प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में कुछ गंभीर प्रसूताओं को बेहतर इलाज के लिए एम्स (AIIMS) भी रेफर किया गया था. इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.
पूर्व सीएम अशोक गहलोत पहुंचे सेटेलाइट अस्पतालजोधपुर के पावटा अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सेटेलाइट अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने अस्पताल में भर्ती छह प्रसूताओं से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया. गहलोत ने महिलाओं की स्थिति और उपचार व्यवस्था का जायजा लिया इसके साथ ही चिकित्सकों से विस्तार से चर्चा की. इस दौरे के दौरान उन्होंने सेटेलाइट अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. कुलबिर सिंह से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की और इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए.
गहलोत ने कहा कि मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है और अस्पताल प्रशासन ने आगे भी प्राथमिकता के आधार पर उनकी जांच और उपचार करने का भरोसा दिया है. उन्होंने बताया कि मामले की असल वजह का खुलासा एम्स और एसएन मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा.
आज जोधपुर सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता में मीडियाकर्मियों के सवालों के जवाब दिए : (23 जून 2026)
राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के विषय में :
मैं कोटा जाकर आया था, प्रसूताओं से मिलकर आया, वहां पांच प्रसूताओं की डेथ हो गई थी। हज़ारों प्रसूताएँ डिलीवरी के लिए अस्पताल जाती हैं वहाँ… pic.twitter.com/gXW13f3dnV



