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मोहम्मद रफी का वो एवरग्रीन सुपरहिट सॉन्ग, आज भी सुनाई देता है मंदिरों में, सुनते ही खुश हो जाता है दिल

Last Updated:April 22, 2026, 21:53 IST

Mohammed Rafi Religious Song : 70 के दशक में किशोर कुमार के स्टारडम के बीच मोहम्मद रफी ने कुछ ऐसे गाने जिनका क्रेज आज तक बरकरार है. 1977 में ही रफी साहब को ‘क्या हुआ तेरा वादा’ गाने के लिए पहला और आखिरी नेशनल अवॉर्ड मिला था. ऐसे ही सुपरहिट गानों में कुछ सॉन्ग भक्ति-संगीत के थे. 47 साल पहले उन्होंने एक ऐसा कालजयी गाना गाया जो आज भी मंदिरों में, पूजा-पंडाल में सुनाई देता है. भगवान राम के भक्त इस गाने पर झूम उठते हैं. राम नवमी पर जब भगवान राम की झांकी जब निकलती तो रफी साहब का यह एवरग्रीन गाना जरूर सुनाई देता है. इस गाने के बिना झांकी की शुरुआत ही नहीं होती. जिस फिल्म में यह गाना सुनाई दिया था, वो भी सुपरहिट साबित हुई. वो गाना कौन सा था, और वो फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं…..

पूरे देश में शारदीय और चैत्र नवरात्रि में ‘राम नववी’ का त्योहार मनाया जाता है. भंडारों का आयोजन भी किया जाता है. देशभर के मंदिरों में भगवान राम की झांकी निकाली जाती है. इसी झांकी में मोहम्मद रफी का 47 साल पुराना एक कालजयी सॉन्ग भी सुनने को मिलता है. इस कालजयी गाने के बोल हैं : राम जी की निकली सवारी, राम जी की लीला है न्यारी’. इस गाने पर भगवान राम के भक्त झूमने लगते हैं. यह गाना 1979 में रिलीज हुई ऋषि कपूर-जयाप्रदा स्टारर फिल्म ‘सरगम’ का है. फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी. आइये जानते हैं इस फिल्म से जुड़े दिलचस्प तथ्य…….

‘सरगम’ फिल्म 8 जनवरी 1979 में रिलीज हुई थी. यह एक म्यूजिकल ड्रामा फिल्म थी जिसका डायरेक्शन के. विश्वनाथ ने किया था. जयाप्रदा ने इसी फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इसी फिल्म से वो रातोंरात स्टार बन गई थीं. यह फिल्म 1976 में आई एक तेलुगू फिल्म का रीमेक ही जिसमें श्रीदेवी ने काम किया था.

‘सरगम’ फिल्म का आइकॉनिक म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने तैयार किया था. सभी गाने आनंद बख्शी की कलम से निकले थे. फिल्म का म्यूजिक 1970 का बेस्ट सेलिंग एल्बम था. फिल्म में कुल 7 गाने थे. हर गाने की धुन सुरीली थी.

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फिल्म के सुपरहिट गानों में ‘राम जी की निकली सवारी’, ‘हम तो चले परदेस, हम परदेसी हो गए’, ‘पर्वत के उस पार’, और ‘डफली वाले, डफली बजा’ सॉन्ग शामिल थे. सभी गाने मोहम्मद रफी-लता मंगेशकर ने गाए थे. फिल्म में मोहम्मद रफी के चार सोलो सॉन्ग थे.

‘डफली वाले, डफली बजा’ सॉन्ग ने तो ऋषि कपूर को अमर पहचान दी. गाना मोहम्मद रफी-लता ड्यूएट था. फिल्म का एक और गाना ‘हम तो चले परदेस, हम परदेसी हो गए’ फॉक सॉन्ग बना और पूरे उत्तर भारत, यूपी-बिहार में खूब फेमस हुआ. गाना मोहम्मद रफी ने गाया था और ऋषि कपूर पर फिल्माया गया था.

फिल्म में मोहम्मद रफी का एक सोलो सॉन्ग ‘राम जी की निकली सवारी’ भी था. यह गाना समय के साथ और लोकप्रिय होता गया. सोशल मीडिया के इस दौर में रामनवमी के दिन सबसे ज्यादा रील्स इस गाने पर बनते हैं. यह गाना सबसे ज्यादा रामनवमी पर निकलने वाली भगवान श्रीराम की झांकी में भी खूब बजता है. भक्त इस गाने पर अक्सर झूमते दिखाई देते हैं.उत्तर भारत के ज्यादातर शहरों में रामनवमी पर शोभायात्राएं निकलती है. डीजे पर यही गाना खूब बजता है.

‘सरगम’ जयाप्रदा की पहली हिंदी फिल्म थी. उन्हें तब हिंदी बोलना नहीं आती थी, ऐसे में उनकी आवाज वॉइस आर्टिस्ट से डब कराई गई थी. फिल्म मे ऋषि कपूर के चाचा त्रिलोक कपूर ने भी काम किया था. यानी चाचा-भतीजे की जोड़ी नजर आई थी. शक्ति कपूर को डायरेक्टर ने कैमरे के सामने फनी एक्सप्रेशन देने को कहा था. शक्ति कपूर को अपनी परफॉर्मेंस बिल्कुल भी पसंद नहीं आई थी.

‘सरगम’ में शशिकला, लीला मिश्रा, श्रीराम लागू, ओम शिवपुरी, अरुणा ईरानी, असरानी और विजय अरोड़ा सहायक भूमिकाओं में थे. डायलॉग जैनेंद्र जैन ने लिखे थे. फिल्म के प्रोड्यूसर एनएन सिप्पी थे. फिल्म की कहानी डायरेक्टर के. विश्वनाथ ने ही लिखी थी. के. विश्वनाथ की यह पहली हिंदी फिल्म थी. फिल्म की लव स्टोरी रूटीन से बहुत हटकर थी. अच्छे खानदान की एक गूंगी लड़की की कहानी थी जिसकी मदद उसे छोटी मालकिन कहने वाला अनाथ राजू करता है. छोटी मालकिन की शादी अच्छे खानदान से हो जाए, यही राजू का सपना है. राजू बहुत मेहनत करके पैसा कमाता है लेकिन छोटी मालकिन उसे ही प्यार करने लगती है. आखिर में राजू उसका प्यार स्वीकार कर लेता है.

इस फिल्म के साथ डफली ऐसी जुड़ी कि ऋषि कपूर की पहचान बन गई. फिल्म में जया प्रदा बहुत ही खूबसूरत नजर आईं. फिल्म के सदाबहार गानों को फिल्म को हिट बनाने में बहुत बड़ा रोल अदा किया. हर गाने ने समा बांधा. फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाया. बिनाका गीतमाला के 1980 के सालाना प्रोग्राम में ‘डफली वाले’ सॉन्ग पहले नंबर पर था. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को इस फिल्म के सदाबहार म्यूजिक के लिए बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. 1.8 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने करीब 4 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी. 1979 की यह सबसे अच्छी फिल्म थी और कमाई के मामले में तीसरे नंबर पर रही थी.

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April 22, 2026, 21:53 IST

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