खुल गया राज! क्यों दिल्ली-NCR में घरों की कीमतों में लग रही आग, फिर 20% महंगे हुए अपार्टमेंट

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई बड़े कारण हैं, जो बाजार को नई दिशा दे रहे हैं.
1. प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग की बढ़ती मांगआज का खरीदार सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि बेहतर लाइफस्टाइल चाहता है. गेटेड कम्युनिटी, क्लब हाउस, वर्क-फ्रॉम-होम स्पेस और बेहतर सिक्योरिटी जैसी सुविधाएं अब प्राथमिकता बन गई हैं. यही वजह है कि प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट की डिमांड बढ़ रही है, जिससे कीमतों पर दबाव बन रहा है.
2. निर्माण लागत में लगातार वृद्धिसीमेंट, स्टील और लेबर की लागत में इजाफा डेवलपर्स के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. इसके अलावा जमीन की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में बिल्डर्स के लिए कीमतें कम करना संभव नहीं है, भले ही बिक्री थोड़ी धीमी क्यों न हो.
3. इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकासदिल्ली-एनसीआर में इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार मजबूत हो रहा है. गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, नोएडा एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा के नए कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स कनेक्टिविटी को बेहतर बना रहे हैं. इससे इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की मांग और कीमतें दोनों बढ़ रही हैं.
4. निवेशकों का मजबूत भरोसारियल एस्टेट अभी भी निवेश के लिहाज से एक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है. खासकर प्राइम लोकेशन पर सीमित सप्लाई और बेहतर रेंटल यील्ड के कारण निवेशक पीछे नहीं हट रहे हैं.
डिमांड कम क्यों दिख रही है?
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद वास्तविक मांग उतनी तेज़ नहीं है. इसके पीछे कुछ अहम वजहें हैं:
रूट्स डेवलपर्स के डायरेक्टर राजन यादव कहते हैं, “आज का खरीदार कम लेकिन बेहतर खरीदना चाहता है. वह क्वालिटी, लोकेशन और लाइफस्टाइल पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, जिससे बाजार का फोकस प्रीमियम सेगमेंट की ओर शिफ्ट हो गया है.”
खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या संकेत?
अगर आप दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समझना जरूरी है कि प्रीमियम लोकेशन पर कीमतें आगे भी बढ़ सकती हैं. हालांकि डेवलपर्स ऑफर्स और डिस्काउंट जरूर दे सकते हैं, लेकिन बड़ी गिरावट की उम्मीद फिलहाल कम है.
विशेषज्ञों ने बताई 4 चीजें
किन इलाकों पर रखें नजर?
दिल्ली-एनसीआर में कुछ इलाके तेजी से उभर रहे हैं, जहां निवेश के अच्छे मौके बन सकते हैं:
क्या अभी निवेश करना सही रहेगा?
एक्सपर्ट मानते हैं कि मौजूदा समय में रियल एस्टेट बाजार स्थिर और मजबूत है. हालांकि अफोर्डेबल सेगमेंट में दबाव है, लेकिन प्रीमियम और मिड-सेगमेंट में अच्छे अवसर मौजूद हैं.
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी कहते हैं, आज का खरीदार ‘कम लेकिन बेहतर’ की सोच के साथ आगे बढ़ रहा है. वह लोकेशन, कनेक्टिविटी और सुविधाओं के लिए ज्यादा कीमत देने को तैयार है. यही ट्रेंड आने वाले वर्षों में बाजार को प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट की ओर और ज्यादा शिफ्ट करेगा.
मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी कहते हैं, JLL की रिपोर्ट साफ तौर पर दिखाती है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत है. 30% की बिक्री वृद्धि यह बताती है कि सही लोकेशन और क्वालिटी प्रोजेक्ट्स में डिमांड बनी हुई है. आने वाले समय में भी दिल्ली-एनसीआर टॉप-परफॉर्मिंग रियल एस्टेट मार्केट्स में बना रहेगा.
अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल कहते हैं, दिल्ली-एनसीआर में कीमतों की मौजूदा तेजी एक स्ट्रक्चरल बदलाव का संकेत है. अब बाजार वॉल्यूम-ड्रिवन नहीं बल्कि वैल्यू-ड्रिवन हो गया है. खरीदार कम हैं लेकिन उनकी क्रय शक्ति और अपेक्षाएं दोनों बढ़ी हैं. यही कारण है कि प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, जबकि अफोर्डेबल सेगमेंट दबाव में है.
सिक्का ग्रुप के चेयरमैन हरविंदर सिंह सिक्का कहते हैं, निर्माण लागत में लगातार बढ़ोतरी डेवलपर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. ऐसे में कीमतों में गिरावट की उम्मीद करना फिलहाल व्यावहारिक नहीं है. हालांकि बढ़ती इन्वेंट्री के चलते डेवलपर्स खरीदारों को आकर्षित करने के लिए फ्लेक्सिबल पेमेंट प्लान और ऑफर्स जरूर ला सकते हैं, जिससे एंड-यूजर्स को कुछ राहत मिल सकती है.



