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गुमनामी के अंधेरे में खो गए ये 5 खिलाड़ी, किसी ने ठोका था शतक तो किसी ने ली थी हैट्रिक

Last Updated:April 17, 2026, 11:15 IST

IPL history 5 one season wonders: इंडियन प्रीमियर लीग में जब वन सीजन वंडर की बात होती है तो जहन में कई ऐसे खिलाड़ियों के नाम आते हैं जो अपनी टीम के लिए हीरो साबित हुए थे, लेकिन उनका दुर्भाग्य ऐसा रहा कि एक सीजन बाद ही उन्होंने अपनी चमक खो दी. ऐसे में आइए जानते हैं ऐसे पांच वन सीजन वंडर के बारे में.

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 टूर्नामेंट का 19वां सीजन है. इस 19 सीजन में देश-दुनिया के कई खिलाड़ियों ने आईपीएल में अपना दम दिखाया. कुछ को इस लीग से नई पहचान मिली तो कुछ वन सीजन वंडर बन कर रह गए और धीरे-धीरे आईपीएल से दूर हो गए. ऐसे में आइए जानते हैं ऐसे ही पांच वन सीजन वंडर के बारे में जिन्होंने अपने दमदार खेल से सनसनी तो मचाई थी, लेकिन उसके बाद वह पूरी तरह से फ्लॉप रहे.

पॉल वल्थाटी का 2011 का आईपीएल सीजन किसी सपने जैसा था. किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेलते हुए उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मात्र 63 गेंदों में 120 रन की नाबाद पारी खेलकर तहलका मचा दिया था. उस सीजन में उन्होंने 14 मैचों में 463 रन बनाए और 7 विकेट भी झटके. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें भारतीय टीम के दरवाजे तक पहुंचा दिया था, लेकिन कलाई की चोट और फॉर्म में गिरावट के कारण वे दोबारा वैसा प्रदर्शन कभी नहीं दोहरा सके.

मनविंदर बिसला का नाम 2012 के आईपीएल फाइनल के लिए अमर हो गया. कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 48 गेंदों में 89 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली थी. उनकी इस पारी की बदौलत केकेआर ने अपना पहला खिताब जीता. हालांकि, बिसला में निरंतरता की कमी रही. उन्होंने अगले कुछ सीजन खेले, लेकिन वे अपनी उस जादुई फॉर्म को बरकरार नहीं रख पाए और धीरे-धीरे आईपीएल से गायब हो गए.

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आईपीएल के पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स की जीत में स्वप्निल अस्नोदकर का बड़ा योगदान था. शेन वॉर्न के इस खोज ने ग्रीम स्मिथ के साथ मिलकर शानदार ओपनिंग साझेदारियां की थी. उन्होंने उस सीजन में 311 रन बनाए थे. एक अनकैप्ड खिलाड़ी के रूप में उनकी निडर बल्लेबाजी ने सबको प्रभावित किया. लेकिन पहले सीजन के बाद गेंदबाजों ने उनकी तकनीक को पढ़ लिया और वे अगले सीजन में पूरी तरह फ्लॉप रहे, जिसके बाद वे दोबारा कभी फॉर्म में नहीं लौटे.

साल 2008 के उद्घाटन सीजन में मनप्रीत गोनी चेन्नई सुपर किंग्स के स्ट्राइक गेंदबाज बनकर उभरे थे. उन्होंने अपनी रफ्तार और उछाल से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया और उस सीजन में 17 विकेट चटकाए. उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें भारतीय टीम में भी जगह मिली. हालांकि, चोटों और गिरती फॉर्म ने उनके करियर पर ब्रेक लगा दिया. बाद के सीजनों में वे काफी महंगे साबित होने लगे और अपनी पुरानी लय खो बैठे.

श्रेयस गोपाल के लिए 2019 का सीजन किसी चमत्कार से कम नहीं था. राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने आरसीबी के खिलाफ हैट्रिक ली, जिसमें विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज शामिल थे. उस सीजन में उन्होंने 20 विकेट लिए और अपनी लेग स्पिन से सबको चौंका दिया, लेकिन 2019 के बाद से उनके प्रदर्शन का ग्राफ लगातार नीचे गिरता रहा, जिसके कारण वे प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

First Published :

April 17, 2026, 11:15 IST

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