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5000 टन वजन, 145 मीटर लंबा, 100+ मिसाइलें, एंटी-जैमिंग टेक और सुपरफास्ट स्पीड… समंदर में उतरा किम जोंग का परमाणु ‘दैत्य’

Last Updated:April 15, 2026, 20:06 IST

Choe Hyon Destroyer North Korea: उत्तर कोरिया ने अपना सबसे ताकतवर युद्धपोत आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है. प्योंगयांग ने अब तक के सबसे आधुनिक और विशाल युद्धपोत ‘चोई ह्योन’ (Choe Hyon) को संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संस्था (IMO) के डेटाबेस में रजिस्टर कराया है. 5,000 टन वजनी यह डिस्ट्रॉयर (विध्वंसक जहाज) अब आधिकारिक तौर पर एक्टिव माना जा रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस कदम से किम जोंग उन ने यह साफ कर दिया है कि उनका यह घातक जहाज अब अंतरराष्ट्रीय पानी में उतरने और विदेशी मिशनों पर जाने के लिए पूरी तरह तैयार है. यह उत्तर कोरिया के इतिहास में केवल दूसरी बार है जब उसने अपने किसी सैन्य जहाज को वैश्विक संस्था के साथ रजिस्टर किया है. (Photos : Reuters via KCNA)

हाल ही में किम जोंग उन ने खुद इस नए युद्धपोत के डेक पर खड़े होकर घातक क्रूज मिसाइलों के परीक्षण का जायजा लिया. रिपोर्ट के मुताबिक, इस डिस्ट्रॉयर से दो स्ट्रेटेजिक क्रूज मिसाइलों और तीन एंटी-शिप मिसाइलों का सफल टेस्ट किया गया. ये मिसाइलें हवा में 132 मिनट तक उड़ती रहीं और अपने टारगेट को सटीकता से तबाह कर दिया.

चोई ह्योन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मिसाइल ले जाने की क्षमता है. इसमें 88 वर्टिकल लॉन्च सेल्स (VLS) लगे हैं, जिनसे पलक झपकते ही दुश्मन पर हमला किया जा सकता है. इसके अलावा, इसमें छिपे हुए लॉन्चर्स भी हैं, जो कुल मिलाकर इसे 100 से ज्यादा मिसाइलों वाला चलता-फिरता किला बना देते हैं.

इस युद्धपोत को सिर्फ हमला करने के लिए नहीं, बल्कि दुश्मन के डिफेंस को चकमा देने के लिए भी बनाया गया है. परीक्षण के दौरान इसके ‘एंटी-जैमिंग नेविगेशन सिस्टम’ की जांच की गई. यह ऐसी तकनीक है जो दुश्मन के जीपीएस जाम करने की कोशिशों को नाकाम कर देती है, जिससे मिसाइलें अपने रास्ते से नहीं भटकतीं.

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सबसे डराने वाली बात यह है कि इस जहाज से फायर की गई मिसाइलें ‘ह्वासल सीरीज’ की हो सकती हैं, जिनके बारे में दावा किया जाता है कि वे परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं. इसके साथ ही इसमें रूस के ‘पांतसिर’ सिस्टम जैसी शॉर्ट-रेंज मिसाइलें भी लगी हैं, जो इसे आसमान से होने वाले हमलों से बचाती हैं.

चोई ह्योन के डिजाइन में उत्तर कोरिया ने बहुत कम समय में कई बड़े बदलाव किए हैं. पहले इस जहाज में बड़े आकार के बैलिस्टिक मिसाइल सेल थे, जिन्हें हटाकर अब छोटे लेकिन ज्यादा संख्या में मिसाइल लॉन्च करने वाले सिस्टम लगाए गए हैं. जहाज की लंबाई बढ़ाने के साथ इसमें 20 नए सेल्स और जोड़े गए हैं, ताकि एयर-डिफेंस को और मजबूत किया जा सके.

145 मीटर लंबे इस विध्वंसक में जिस तरह से बदलाव किए गए हैं, वह दिखाता है कि उत्तर कोरिया बहुत तेजी से अपनी नेवल इंजीनियरिंग को अपडेट कर रहा है. इसके पिछले हिस्से को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मिसाइलें लॉन्च करते समय जहाज का बैलेंस न बिगड़े.

किम जोंग उन ने सिर्फ एक नहीं, बल्कि चार नए डिस्ट्रॉयर बनाने का ऐलान कर दिया है. चोई ह्योन के बाद अब तीसरे और चौथे नंबर के जहाजों पर काम चल रहा है. हालांकि, इसका दूसरा जहाज ‘कांग कोन’ पिछले साल लॉन्चिंग के दौरान हुई एक दुर्घटना की वजह से अभी मरम्मत के दौर से गुजर रहा है. किम का लक्ष्य हर साल कम से कम दो नए आधुनिक युद्धपोत सेना में शामिल करना है.

हालांकि चोई ह्योन को 2026 की शुरुआत में ईस्ट सी फ्लीट में शामिल होना है, लेकिन इसके लिए तय किया गया नेवल बेस अभी तक बनकर तैयार नहीं हुआ है. फिर भी, इसका समुद्री रजिस्ट्रेशन बताता है कि उत्तर कोरिया अब अपनी समुद्री सीमाओं से बाहर निकलकर दुनिया को अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में है.

आम तौर पर जब उत्तर कोरिया बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट करता है, तो दक्षिण कोरिया की सेना तुरंत अलर्ट जारी करती है. लेकिन चोई ह्योन से हुए क्रूज मिसाइल टेस्ट ने रडार और सूचना तंत्र को भी उलझा दिया है. चूंकि ये मिसाइलें जमीन के करीब और धीमी गति से उड़ सकती हैं, इसलिए इन्हें ट्रैक करना मुश्किल होता है. उत्तर कोरिया का यह नया युद्धपोत न केवल दक्षिण कोरिया के समुद्री रास्तों के लिए खतरा है, बल्कि यह क्षेत्र में अमेरिकी दबदबे को भी चुनौती देने वाला है.

First Published :

April 15, 2026, 19:40 IST

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