चलती ट्रेन के नीचे फंसा मासूम , तो ‘यमराज’ से लड़कर पिता ने बचाई जान, पढ़कर कहेंगे- बाप हो तो ऐसा!

Last Updated:May 09, 2026, 07:12 IST
बांग्लादेश में एक पिता ने अपनी जान दांव पर लगाकर चलती ट्रेन के नीचे गिरे अपने बेटे को बचा लिया. ट्रेन के 8 डिब्बे उनके ऊपर से गुजर गए, लेकिन पिता बच्चे को सीने से लगाकर पटरियों पर लेटा रहा. कुदरत के इस करिश्मे ने सबको हैरान कर दिया है.
रेलवे स्टेशन पर एक छोटी सी लापरवाही कैसे जानलेवा साबित हो सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण बांग्लादेश के ब्राह्मणबरिया स्टेशन पर देखने को मिला. यहां एक परिवार ‘तितस कम्यूटर’ ट्रेन से सफर कर रहा था, जो अपने निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटा देरी से चल रही थी. ट्रेन जैसे ही स्टेशन से आगे बढ़ने लगी, एक पिता ने अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर उतरने की कोशिश की. लेकिन इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से बच्चा पिता के हाथों से फिसलकर सीधे प्लेटफॉर्म और चलती ट्रेन के बीच के संकरे गैप में जा गिरा. बच्चे को मौत के मुंह में जाता देख पिता ने एक पल की भी देरी नहीं की. उसने बिना सोचे-समझे पटरियों पर छलांग लगा दी और अपने मासूम बच्चे को बाहों में भर लिया. ट्रेन की स्पीड बढ़ती जा रही थी और ऊपर से डिब्बे गुजरने शुरू हो गए थे.
उस जांबाज पिता ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए बच्चे को सीने से लगाया और प्लेटफॉर्म की दीवार के साथ सटकर बिल्कुल सीधा लेट गया. स्टेशन पर मौजूद यात्री यह मंजर देखकर चीखने लगे, लेकिन ट्रेन के पहियों का शोर सब कुछ दबा रहा था. जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ी, एक के बाद एक कुल 8 डिब्बे पिता और पुत्र के ऊपर से गुजर गए. पटरियों के बीच का गैप बेहद कम था, लेकिन पिता ने हिम्मत नहीं हारी और बच्चे को कसकर पकड़े रखा, ताकि वह जरा सा भी न हिले. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वह मंजर ऐसा था मानो मौत उन दोनों के ऊपर से तांडव कर रही हो. लेकिन पिता अपने बेटे की खातिर एक तरह से यमराज से भिड़ गया. ट्रेन में मौजूद अन्य यात्रियों ने फुर्ती दिखाते हुए बच्चे की मां को सुरक्षित नीचे उतरने में मदद की, जो अपने पति और बच्चे को ट्रेन के नीचे जाते देख सदमे में थी.
रेलवे अटेंडेंट फालू मिया ने पुष्टि की कि ट्रेन चलने के बाद परिवार ने उतरने का जोखिम उठाया था, जो भारी पड़ गया. हालांकि, पिता की त्वरित प्रतिक्रिया ने एक बड़े हादसे को टाल दिया. करीब 20 से 30 सेकंड तक पटरियों पर मौत का सामना करने के बाद जब ट्रेन पूरी तरह स्टेशन से बाहर निकल गई, तब वहां मौजूद लोग पटरियों की ओर दौड़े. सभी को लगा था कि शायद अब कुछ नहीं बचा होगा, लेकिन जो उन्होंने देखा वह किसी चमत्कार से कम नहीं था. जब लोगों ने पिता और बच्चे को ऊपर उठाया, तो पाया कि दोनों पूरी तरह सुरक्षित थे. पिता की सूझबूझ और प्लेटफॉर्म की दीवार के सहारे लेटने की तकनीक ने उन्हें पहियों की चपेट में आने से बचा लिया था. स्टेशन पर मौजूद लोगों ने उस पिता के साहस को सलाम किया, जिसने अपने बच्चे के लिए मौत को भी पीछे धकेल दिया. पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने घटना के बाद दोनों की जांच की और राहत की सांस ली कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई.
About the AuthorNiranjan Dubey
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के तौर कार्यरत. इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रिजनल सिनेमा के इंचार्ज. डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मीडिया में सक्रिय. नेटवर्क 18 के अलावा टाइम्स ग्रुप, …और पढ़ें
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