कजरारी आंखे-नूरानी चेहरा, इंडस्ट्री में आई तो सांवली रंगत देख कुत्ते से किया रिप्लेस, 2013 में बनीं मिस इंडिया अर्थ

Last Updated:May 14, 2026, 09:32 IST
बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की चमकती दुनिया में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो पहले तो अपनी खूबसूरती और स्टाइल से सबका ध्यान खींचते हैं, लेकिन पीछे उनकी कहानी संघर्ष, अपमान और मेहनत से भरी होती है. कल्पना कीजिए एक ऐसी लड़की की, जिसकी कजरारी आंखें और नूरानी चेहरा देखकर कोई भी मुग्ध हो जाए. वो इंडस्ट्री में कदम रखती है तो लोग उसकी सांवली रंगत पर नाक-भौं चढ़ाते थे. जलील तो कुत्ते से रिप्लेस करके किया. लेकिन उसने भी हार नहीं मानी चुपचाप अपनी राह बनाती गई. आज ये बच्ची इंडस्ट्री का बड़ा नाम है.
नई दिल्ली. कजरारी आंखें, तीखे नैन-नक्श और ऐसा नूरानी चेहरा कि पहली नजर में कोई भी दीवाना हो जाए. लेकिन चमकती दुनिया की यही सच्चाई है कि यहां खूबसूरती भी रंग देखकर तौली जाती है. ये लड़की बड़े सपने लेकर ग्लैमर इंडस्ट्री में पहुंची थी. उसे लगा था कि उसकी मेहनत और टैलेंट उसके लिए रास्ते खोलेंगे, लेकिन शुरुआत में उसे सिर्फ उसके सांवले रंग की वजह से रिजेक्ट कर दिया गया. यहां तक कि उसे लेने के बाद आखिरी वक्त पर एक कुत्ते से रिप्लेस कर दिया गया. यह अपमान किसी के भी सपनों को तोड़ सकता था, मगर उसने हार नहीं मानी. वो ब्यूटी क्वीन आज फिल्मों और वेब सीरीज की दुनिया में छाई है और आज उसका नाम बॉलीवुड की सबसे स्टाइलिश और दमदार अभिनेत्रियों में लिया जाता है.
मासूम सी इस बच्ची के अंदर एक ऐसा आत्मविश्वास दिखा, जिसने पूरे इंडस्ट्री के स्टीरियोटाइप्स को धूल चटा दी. जब ये अभिनेत्री स्क्रीन पर आती हैं, तो लगता है जैसे बहुत कुछ कहना चाहती हैं और कहती भी हैं-बेशक. बिना किसी फिल्मी खानदान के सहारे, इन्होंने सिर्फ अपने दम पर न केवल बॉलीवुड बल्कि साउथ सिनेमा में भी अपनी पताका लहराई है. लेकिन इस सफर में कांटे कम नहीं थे. 2013 में मिस इंडिया अर्थ का खिताब जीतने वाली ये ऐसी ‘आउटसाइडर’ हैं, जो अब इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स में नजर आने लगी हैं, हॉलीवुड में डेब्यू कर चुकी हैं .
ये कोई और नहीं, बल्कि शोभिता धूलिपाला हैं. 31 मई 1992 को आंध्र प्रदेश के तेनाली में जन्मीं शोभिता ने मॉडलिंग और ब्यूटी पेजेंट से अपने करियर की शुरुआत की. 2013 में उन्होंने फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में ‘मिस इंडिया अर्थ’ का खिताब जीता और मिस अर्थ 2013 में भारत का प्रतिनिधित्व किया. फोटो साभार-@sobhitad/Instagram
Add as Preferred Source on Google
शोभिता के पिता वेणुगोपाल राव मर्चेंट नेवी के इंजीनियर थे और मां शांता कामाक्षी प्राइमरी स्कूल टीचर. उनका बचपन विशाखापट्टनम में बीता. स्कूल के दिनों से ही वो डांस की शौकीन थीं. उन्होंने भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी में ट्रेनिंग ली. मुंबई आकर उन्होंने एचआर कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से कॉर्पोरेट लॉ पढ़ा. फोटो साभार-@sobhitad/Instagram
कॉलेज के दिनों में एक दोस्त के कहने पर उन्होंने फेमिना मिस इंडिया साउथ 2013 में हिस्सा लिया. शुरुआती मकसद सिर्फ दोस्तों को साबित करना था कि वो कुछ कर सकती हैं. लेकिन भाग्य ने कुछ और ही लिखा. उन्होंने मिस इंडिया बैंगलोर का खिताब जीता और फेमिना मिस इंडिया 2013 में फर्स्ट रनर अप बनीं. फोटो साभार-@sobhitad/Instagram
मॉडलिंग करियर की शुरुआत आसान नहीं थी. शोभिता ने कई बार खुलकर बताया कि कलरिज्म के कारण उन्हें सैकड़ों रिजेक्शन मिले. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि 1000 से ज्यादा रिजेक्शन सिर्फ अपनी सांवली रंगत के कारण मिले. एक ब्रांड शूट में गोवा में उन्हें कुत्ते से रिप्लेस कर दिया गया. उन्होंने बताया था कि पहले दिन शूट अच्छा चला, लेकिन क्लाइंट को लगा कि शोभिता ब्रांड की इमेज के हिसाब से ‘बहुत कॉन्फिडेंट’ लग रही हैं. बाद में उन्होंने हंसी-खुशी इसे शेयर किया कि उन्हें पेमेंट तो मिल गया, लेकिन रिप्लेसमेंट देखकर हैरानी हुई. फोटो साभार-@sobhitad/Instagram
इन चुनौतियों के बावजूद शोभिता ने हार नहीं मानी. उन्होंने खुद को एक्ट्रेस बनने के लिए तैयार किया. हिंदी सीखी, ऑडिशन दिए. साल 2016 में अनुराग कश्यप की फिल्म रामन राघव 2.0 से बॉलीवुड डेब्यू किया, जो कान्स फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई. इसके बाद अमेजन प्राइम की मेड इन हेवन में तारा खन्ना का रोल उन्हें ब्रेकथ्रू दिलाया. द नाइट मैनेजर, कुरूप, गुडाचारी, मेजर और मणिरत्नम की पोन्नियिन सेल्वन 1 & 2 जैसी फिल्मों में उनकी परफॉर्मेंस सराही गई. उन्होंने मलयालम, तेलुगु, तमिल और हिंदी में काम किया और हर भाषा में अपनी छाप छोड़ी. फोटो साभार-@sobhitad/Instagram
2025 में शोभिता ने नागा चैतन्या से शादी की और उनकी दूसरी पत्नी बनीं. अक्किनेनी परिवार की बहू बनकर उन्होंने साउथ इंडस्ट्री में और मजबूती से कदम रखा. शादी के बाद भी वो फिल्मों और ब्रांड्स के साथ एक्टिव हैं. आज शोभिता धूलिपाला उन कलाकारों में गिनी जाती हैं जिन्होंने यह साबित किया कि सफलता के लिए सिर्फ गोरा रंग नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, मेहनत और हुनर जरूरी होता है. जिस लड़की को कभी उसके रंग की वजह से रिजेक्ट किया गया था, वही आज करोड़ों लोगों की फेवरेट स्टार बन चुकी है. फोटो साभार-@sobhitad/Instagram
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



