सिर्फ ₹750 की सैलरी पर गारमेंट फैक्ट्री में किया काम, मां का कर्ज चुकाने के लिए बने एक्टर, जीता नेशनल अवॉर्ड

Last Updated:May 13, 2026, 23:32 IST
तमिल सुपरस्टार की सफलता की कहानी जानकर आपको लगेगा कि अगर किसी की इच्छाशक्ति मजबूत है, तो दुनिया में कुछ भी नामुमकिन नहीं. एक फिल्मी परिवार से होने के बावजूद उन्होंने अपनी पहचान छिपाकर गारमेंट फैक्ट्री में 750 रुपये की मामूली तनख्वाह पर काम किया. एक्टर शुरू में मकसद खुद की फैक्ट्री खोलना था, लेकिन मां के ₹25,000 के कर्ज को चुकाने के लिए उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा. उन्होंने 1997 में डेब्यू करने के बाद नेशनल अवॉर्ड जीतकर अपनी काबिलियत साबित की. फिलहाल में फैंस अपकमिंग फिल्मों ‘करुप्पु’ और ‘विश्वनाथ एंड संस’ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
नई दिल्ली: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार को आज कौन नहीं जानता? उनकी जबरदस्त एक्टिंग, ब्लॉकबस्टर फिल्में और करोड़ों की फैन फॉलोइंग उन्हें इंडस्ट्री का असली ‘सिंघम’ बनाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज के इस सुपरस्टार ने अपने करियर की शुरुआत एक मामूली कपड़ा फैक्ट्री में काम करके की थी? यह सुनकर थोड़ा अजीब लग सकता है, पर सूर्या की सफलता की कहानी जमीन से जुड़ी हुई है.
सूर्या का जन्म एक फिल्मी परिवार में हुआ था. वह दिग्गज तमिल अभिनेता शिवकुमार के बेटे हैं, जिन्हें लोग उनके शानदार अभिनय के लिए आज भी याद करते हैं. फिल्मी घराने से ताल्लुक रखने के बावजूद सूर्या ने कभी भी अपने पिता के नाम का सहारा नहीं लिया. उन्होंने शुरू से ही अपनी खुद की एक अलग पहचान बनाने का सपना देखा था और इसी वजह से उन्होंने फिल्मों में कदम रखने से पहले एक गारमेंट फैक्ट्री में नौकरी शुरू की.
सूर्या ने अपनी पहचान गुप्त रखते हुए गारमेंट एक्सपोर्ट फैक्ट्री में लगभग ढाई से तीन साल तक कड़ी मेहनत की. उनका मकसद किसी फिल्मी विरासत का फायदा उठाना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनना था. वे चाहते थे कि दुनिया उन्हें उनके पिता के नाम से नहीं, बल्कि उनके काम से जाने.
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फैक्ट्री में एक्टर के काम के शुरुआती दिन काफी स्ट्रगल से भरे थे. उन्होंने एक ट्रेनी के तौर पर काम शुरू किया था, जहां उनकी पहली सैलरी सिर्फ ₹750 थी. धीरे-धीरे अपनी मेहनत और लगन के दम पर वे आगे बढ़े और उनकी तनख्वाह ₹8,000 तक पहुंच गई. सबसे खास बात यह रही कि जहां वह काम करते थे, वहां किसी को कानों-कान खबर नहीं थी कि वे सुपरस्टार शिवकुमार के बेटे हैं.
असल में सूर्या का एक्टिंग में आने का कोई इरादा नहीं था. उनकी मां ने अपनी जरूरतों के लिए ₹25,000 का कर्ज लिया था, जिसे चुकाने के लिए सूर्या ने फिल्मों में आने का फैसला किया. उनका असली सपना तो खुद की एक गारमेंट फैक्ट्री खोलना था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और वह सिल्वर स्क्रीन के हीरो बन गए.
सूर्या ने साल 1997 में फिल्म ‘नेरुक्कू नेर’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्में दीं. उनकी मेहनत का ही फल था कि उन्हें फिल्म ‘सोरारई पोट्रु’ के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला, जो किसी भी अभिनेता के लिए गर्व की बात होती है.
अब फैंस को सूर्या की अगली फिल्म ‘करुप्पु’ का बेसब्री से इंतजार है, जिसमें वह तृषा कृष्णन के साथ नजर आएंगे. हाल में इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ है, जिसमें न्याय, विश्वास और स्ट्रगल की एक अनोखी झलक देखने को मिली है. इस फिल्म में सूर्या का किरदार काफी दमदार लग रहा है जो ईश्वरीय प्रतीकों से जुड़ा हुआ है.
सिनेमाघरों में सूर्या की एक और फिल्म ‘विश्वनाथ एंड संस’ जुलाई 2026 में दस्तक देने वाली थी. हालांकि, फिल्मी गलियारों में ऐसी चर्चाएं हैं कि मेकर्स इसकी रिलीज डेट को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं. खैर, तारीख जो भी हो, सूर्या के फैंस तो बस उन्हें बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेताब हैं.



