मोबाइल छोड़िए, मैदान पकड़िए! बच्चों और बड़ों के लिए एक्सपर्ट ने बताए सबसे बेहतरीन खेल

रामपुर: आज के समय में बच्चे हों या बड़े, ज्यादातर समय मोबाइल और अन्य स्क्रीन पर बिताते हैं. इसका सीधा असर उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर पड़ रहा है. अगर आप खुद को फिट रखना चाहते हैं या चाहते हैं कि आपका बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बने, तो सुबह का सिर्फ एक घंटा आपकी जिंदगी बदल सकता है. कौन-से खेल खेलने चाहिए, क्या खाना चाहिए और इससे क्या फायदे होते हैं, इस बारे में रामपुर के जिला क्रीड़ा अधिकारी संतोष कुमार ने जानकारी दी.
सुबह मैदान में खेलना सबसे आसान और असरदार उपाय
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग फिट रहने के लिए महंगे जिम और कई तरह के उपाय अपनाते हैं. लेकिन सुबह का एक घंटा मैदान में खेलना सबसे आसान, सस्ता और प्रभावी तरीका है. इससे शरीर फिट रहता है, दिमाग तरोताजा रहता है और कई बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है.
बच्चों के लिए आउटडोर खेल हैं बेहद जरूरी
जिला क्रीड़ा अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि सुबह के समय खेलना हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है. बच्चों को रोजाना कम से कम एक घंटा किसी न किसी आउटडोर खेल में जरूर हिस्सा लेना चाहिए. इससे उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं, शरीर का बेहतर विकास होता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और पढ़ाई में भी ध्यान लगाने में मदद मिलती है. सबसे बड़ी बात यह है कि बच्चे मोबाइल और टीवी से दूर रहते हैं.
उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट, एथलेटिक्स, रस्सीकूद और दौड़ जैसे खेल सबसे अच्छे माने जाते हैं. इन खेलों से शरीर में फुर्ती आती है, टीम भावना विकसित होती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है.
बड़ों के लिए भी फायदेमंद है नियमित खेल
उन्होंने बताया कि वयस्कों के लिए तेज चाल से चलना, दौड़ना, बैडमिंटन, साइकिलिंग, तैराकी और नियमित व्यायाम बेहद लाभदायक हैं. ये गतिविधियां हृदय को स्वस्थ रखती हैं, वजन नियंत्रित रखने में मदद करती हैं और शरीर की सहनशक्ति बढ़ाती हैं. साथ ही सुबह की ताजी हवा और हल्की धूप शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन और विटामिन-डी भी प्रदान करती है.
कई बीमारियों का खतरा होता है कम
संतोष कुमार के अनुसार नियमित रूप से खेल खेलने वाले लोगों में मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और तनाव जैसी समस्याओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी हैं. इससे तनाव कम होता है, मूड अच्छा रहता है और पूरे दिन काम करने की ऊर्जा बनी रहती है.
खेल के बाद पौष्टिक आहार लेना भी जरूरी
उन्होंने बताया कि खेल खत्म होने के बाद सही खानपान भी उतना ही जरूरी है. शरीर को दोबारा ऊर्जा देने और मांसपेशियों की रिकवरी के लिए 30 से 60 मिनट के भीतर पौष्टिक आहार लेना चाहिए.
इसके लिए दूध, दही, पनीर, अंडा, अंकुरित अनाज, दाल, मौसमी फल, केला, सेब, सूखे मेवे और पर्याप्त पानी सबसे अच्छे विकल्प हैं. वहीं, जंक फूड और अधिक तली-भुनी चीजों से बचना चाहिए.
खेल को बनाइए रोजमर्रा की आदत
जिला क्रीड़ा अधिकारी ने कहा कि यदि हर परिवार सुबह एक से दो घंटे खेल और शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना ले, तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी की सेहत बेहतर हो सकती है. खेल सिर्फ मेडल जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की सबसे आसान और किफायती आदत भी हैं. इसलिए मोबाइल की स्क्रीन से थोड़ा समय निकालिए, मैदान का रुख कीजिए और खेल को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाइए.



