न चीन का डर, न अमेरिका की शर्तें… F-35 की आधी कीमत में वही दम! दक्षिण कोरिया ने तैयार किया ‘सस्ता जुगाड़’

दुनिया के रक्षा बाजार में मचे तहलके नाम है KF-21 Boramae. जहां एक ओर अमेरिका अपने F-35 की ऊची कीमतों और सख्त शर्तों से दुनिया को नचा रहा है, वहीं दक्षिण कोरिया ने एक ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला है जिसने वाशिंगटन से लेकर मॉस्को तक खलबली मचा दी है. इसे गरीबों का स्टेल्थ फाइटर कहना गलत होगा बल्कि यह उन देशों के लिए स्मार्ट चॉइस है जो बिना दिवालिया हुए आसमान का सुल्तान बनना चाहते हैं. दक्षिण कोरिया का KF-21 Boramae (बोरामे) इस समय वैश्विक रक्षा बाजार में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. इसे अक्सर सस्ता F-35 या मिनी F-22 कहा जाता है. यह विमान दक्षिण कोरिया को उन चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा करता है जो खुद के उन्नत लड़ाकू विमान बना सकते हैं.
अमेरिकी F-35 की कीमत लगभग 100 मिलियन (करीब ₹840 करोड़) है, लेकिन इसकी भारी मेंटेनेंस लागत इसे बहुत महंगा बनाती है. वहीं, दक्षिण कोरियाई KF-21 की अनुमानित कीमत $65 मिलियन (करीब ₹600करोड़) है. KF-21 न केवल खरीदने में सस्ता है, बल्कि इसका ऑपरेशनल खर्च भी F-35 के मुकाबले काफी कम है.
पेलोड और हथियार
यह 4.5+ पीढ़ी का एक मल्टीरोल लड़ाकू विमान है जिसे दक्षिण कोरिया (KAI) और इंडोनेशिया ने मिलकर विकसित किया है. हालांकि यह पूरी तरह से स्टेल्थनहीं है लेकिन इसकी बनावट ऐसी है कि इसे रडार पर पकड़ना बहुत मुश्किल है. KF-21 की पेलोड क्षमता करीब 7,700 किलोग्राम है. इसमें 10 हार्डपॉइंट्स (हथियार टांगने की जगह) हैं.
· हवा से हवा में मार: (दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइल), IRIS-T, और AIM-120 AMRAAM.
· हवा से जमीन पर मार: Taurus KEPD 350, विभिन्न प्रकार के गाइडेड बम (JDAM) और एंटी-शिप मिसाइलें.
· खासियत: इसके ब्लॉक-1 वेरिएंट में हथियार बाहर लगे होंगे लेकिन ब्लॉक-2 में इन्हें विमान के पेट के अंदर रखा जाएगा, जिससे यह पूरी तरह स्टेल्थ बन जाएगा.
कीमत· प्रति यूनिट लागत: लगभग $65 मिलियन (करीब 700 करोड़ रुपये).
· विकास लागत: इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब $6.6 बिलियन खर्च हुए हैं.
· तुलना: यह अमेरिकी F-35 की तुलना में काफी सस्ता है, जबकि प्रदर्शन में लगभग उसके करीब पहुंचता है.
KF-21 क्यों खास है?1. स्टेल्थ क्षमता का अपग्रेड: यह विमान 4.5 जनरेशन से शुरू होकर 5वीं जनरेशन (F-35 की तरह) में अपग्रेड होने के लिए डिजाइन किया गया है.
2. स्वदेशी तकनीक: इसमें लगा AESA रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सुइट पूरी तरह दक्षिण कोरियाई है, जो तकनीक के मामले में उन्हें स्वतंत्र बनाता है.
3. बाजार में दबदबा: दक्षिण कोरिया इसे उन देशों को बेच रहा है जो F-35 नहीं खरीद सकते या जिन्हें अमेरिका तकनीकी कारणों से वह विमान नहीं देता.
सवाल-जवाब क्या KF-21 एक स्टेल्थ (Stealth) विमान है?
वर्तमान में (ब्लॉक-1) यह ‘सेमी-स्टेल्थ’ है. इसकी बनावट ऐसी है कि इसका रडार सिग्नेचर बहुत कम है, लेकिन पूरी तरह स्टेल्थ होने के लिए इसे ब्लॉक-2 वेरिएंट का इंतजार करना होगा जहाँ हथियार विमान के अंदर छिपे होंगे.
KF-21 भारत के ‘तेजस’ या ‘AMCA’ से कितना अलग है?
तेजस एक हल्का विमान (LCA) है, जबकि KF-21 एक भारी, दो इंजन वाला विमान है. भारत के आने वाले 5वीं पीढ़ी के विमान AMCA से इसकी तुलना की जा सकती है, लेकिन KF-21 का परीक्षण पहले ही सफल हो चुका है.
इस विमान में कौन सा इंजन इस्तेमाल किया गया है?
इसमें अमेरिका के जनरल इलेक्ट्रिक द्वारा निर्मित F414 इंजन लगे हैं. यही इंजन अमेरिका के F/A-18 सुपर हॉर्नेट में भी इस्तेमाल होते हैं.
क्या इंडोनेशिया इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है?
हाँ, इंडोनेशिया इस प्रोजेक्ट का 20% साझेदार है, हालांकि फंडिंग और भुगतान को लेकर दोनों देशों के बीच समय-समय पर विवाद रहा है.
दक्षिण कोरिया की वायुसेना में यह कब शामिल होगा?
इसका उत्पादन शुरू हो चुका है और उम्मीद है कि 2026 तक दक्षिण कोरियाई वायुसेना (ROKAF) को इसके पहले सेट मिल जाएंगे.



