Started a business with 1.5 lakh rupees and became a 1.5 crore rupee owner in 9 years. Learn about the inspiring success story of Rajkumar Yadav of Muzaffarpur. – Bihar News

Last Updated:January 13, 2026, 12:09 IST
मुजफ्फरपुर के राजकुमार यादव की कहानी लोगों के लिए एक प्रेरणा बन गई है. एक कमरे शुरू किया गया कारोबार आज करोड़ों का बन गया है उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर एक सफल बिजनेस खड़ा कर दिया है.
मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर जिले के लदौरा, मादापुर निवासी राजकुमार यादव आज आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता की मिसाल बन चुके हैं. कभी दूसरों के यहां रोजगार की तलाश में भटकने वाले राजकुमार आज खुद 10 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे रहे हैं. संघर्ष और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने लगभग 1.5 से 2 करोड़ रुपये का सफल व्यवसाय खड़ा कर दिया है.
राजकुमार यादव ने अपने करियर की शुरुआत हरिद्वार की एक निजी कंपनी में नौकरी से की थी. वहां कुछ वर्षों तक काम करने के बाद साल 2015 में वे अपने गांव लौट आए. घर लौटने के बाद एक रिश्तेदार के यहां शादी-ब्याह और भोज-भात में इस्तेमाल होने वाले पत्ता ग्लास बनाने की प्रक्रिया को नजदीक से देखा. यहीं से उनके मन में खुद का व्यवसाय शुरू करने का विचार आया.
एक कमरे शुरू किया था कामबिजनेस शुरू करने के लिए उनके पास पर्याप्त पूंजी नहीं थी. इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और गांव के ही एक व्यक्ति से 1.5 लाख रुपये ब्याज पर कर्ज लेकर पत्ता ग्लास निर्माण का काम शुरू किया. शुरुआत में उन्होंने अपने घर के एक छोटे से 10×10 कमरे में मशीन लगाकर उत्पादन शुरू किया. मेहनत और लगन के साथ उन्होंने धीरे-धीरे अपने काम का विस्तार किया.
समय के साथ उनका व्यवसाय बढ़ता गया और आज उन्होंने अपने उद्योग का नाम GRS पत्तल उद्योग रखा है. वर्तमान में वे केवल पत्ता ग्लास ही नहीं, बल्कि पेपर प्लेट मेकिंग मशीन, हाइड्रोलिक ऑल इन वन पेपर प्लेट मशीन, पेपर लेमिनेशन मशीन, कपूर मेकिंग मशीन, स्क्रबर मेकिंग व पैकिंग मशीन, मसाला एवं ड्राई फ्रूट पैकिंग मशीन, हेयर बैंड मेकिंग मशीन, सेवई, नूडल्स व चाऊमीन मेकिंग मशीन, अगरबत्ती मशीन, पल्पलाइजर, स्लीपर मशीन, पापड़ मशीन, रूई बत्ती, कांटी मेकिंग मशीन सहित लघु एवं मध्यम उद्योग से जुड़ी कई प्रकार की मशीनों की बिक्री भी करते हैं.
शुरुआत में लोगों ने मारे तानेराजकुमार यादव बताते हैं कि आज उनके यहां से मशीनें पूरे देश में भेजी जाती हैं. लोग ऑनलाइन संपर्क कर मशीन बुक करते हैं और उन्हें अपने-अपने राज्यों में मंगवाते हैं. उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में लोगों के तानों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन आज वही लोग उनके सफल व्यवसाय को देखकर सम्मान करते हैं.
राजकुमार की यह यात्रा उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं. उनकी सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इरादा, मेहनत और सही दिशा हो तो गांव से भी बड़ा उद्योग खड़ा किया जा सकता है.
About the AuthorMohd Majid
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Muzaffarpur,Bihar
First Published :
January 13, 2026, 12:09 IST



