वो कल्ट गाना, तलत महमूद-लता मंगेशकर ने जादुई आवाज से कर दिया अमर, बसता है हर जनरेशन की रूह में

Last Updated:April 29, 2026, 17:22 IST
Bollywood Cult Classic Songs : हिंदी सिनेमा के कुछ गाने इतने मीनिंगफुल, कर्णप्रिय होते हैं कि जैसे-जैसे साल बीतते जाते हैं, गाना उतना ही दिल में गहरा असर छोड़ता जाता है. ऐसा ही एक गाना 65 साल पहले एक मूवी में आया था. फिल्म भी हिट रही और यह गाना कालजयी साबित हुआ. गुजरते समय के साथ गाना दिल में और ज्यादा जगह बनाता गया. आज इस गाने की गिनती क्लासिक सॉन्ग में होती है. इस गाने को सुनते ही दिल को सुकून मिलता है. तलत महमूद और लता मंगेशकर ने अपनी जादुई आवाज में अमर बना दिया. वो गाना कौन सा है, आइये जानते हैं जिसका क्रेज आज भी बरकरार है.
राजेंद्र कृष्ण की कलम से निकला वो कालजयी गीत जिसकी धुन सलिल चौधरी ने कंपोज की थी. तलत महमूद और लता मंगेशकर की जादुई आवाज से सजा यह कालजयी गाना सुनील दत्त-आशा पारेख पर फिल्माया गया था. 1961 में आई फिल्म ‘छाया’ के इस सुपरहिट सॉन्ग पर इंस्टाग्राम पर खूब रील्स बनती हैं. फिल्म का निर्देशन हृषिकेश मुखर्जी ने किया था. हम बात कर रहे हैं ‘छाया’ फिल्म के ‘इतना ना मुझसे तू प्यार बढ़ा’ गाने की. आपने भी इस गाने को जरूर सुना होगा. सोशल मीडिया पर रील्स देखी होंगी. आइए जानते हैं इस मूवी से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स…..
‘छाया’ मूवी की कहानी सचिन भौमिक-राजेंद्र कृष्ण ने लिखी थी. सदाबहार म्यूजिक सलिल चौधरी ने कंपोज किया था. गाना छायावाद, प्रकृति-प्यार की याद दिलाता है. गाना कानों में मिश्री बनकर घुलने लगता है. मन कल्पनाशीलता से बनी प्रकृति में घूमने लगता है.
‘छाया’ फिल्म में सुनील दत्त-आशा पारेख के अलावा, निरूपा रॉय, ललिता पवार, नाजिर हुसैन, अचला सचदेव, असित सेन जैसे कलाकार सपोर्टिंग रोल में थे. सबसे दिलचस्प बात यह है कि मोजार्ट की 40वीं सिम्फनी पर बेस्ड है.
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‘छाया’ फिल्म 3 अगस्त 1961 को रिलीज हुई थी. फिल्म में कुल 6 गाने थे. फिल्म का एक गाना ‘ये कह दूं इंसान’ मोहम्मद रफी ने गाया था. तीन गाने तलत महमूद सोलो थे. ये गाने थे : आंखों में मस्ती, आंसू समझके. ‘इतना ना मुझसे तू प्यार बढ़ा गाने का सैड वर्शन भी तलत महमूद ने गाया है.
‘इतना ना मुझसे तू प्यार बढ़ा’ गाने के यूट्यूब पर लाखों व्यूज हैं. गाना इतना कर्णप्रिय हैं कि फैंस बार-बार इसे सुनते हैं. इस गाने में एक अलग ही मिठास है. गाने को सुनकर मन रोमांस की यादों में खो जाता है. गाने में आशा पारेख की मासूमियत देखते ही बनती है. यह गाना तलत महमूद का ऐसा कालजयी गाना है जिसे यंग जनरेशन खूब पसंद करती है.
24 फरवरी 1924 को जन्मे तलत महमूद की आवाज में लखनवी खनक थी. 50-60 के दशक में हर कोई उनकी आवाज का दीवाना था. उनकी आवाज बहुत ही सॉफ्ट थी, सीधे दिल पर असर करती थी. तलत ने एक्टिंग में भी हाथ आजमाया था. करीब 15 हिंदी फिल्मों में काम किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली. तलत गाने में किसी भी तरह की अश्लीलता बर्दाश्त नहीं करते थे.
फिल्म में नजर आए सुनील दत्त का असल नाम बलराज दत्त था. आवाज बहुत दमदार थी. उर्दू पर पकड़ थी. फिल्मों में आने से पहले रेडियो में काम करते थे. सुनील दत्त को 1957 की कालजयी फिल्म ‘मदर इंडिया’ से पहचान मिली. उन्होंने ‘साधना’ ‘सुजाता’, ”मुझे जीने दो’, ‘खानदान’ और ‘पड़ोसन’ जैसी क्लासिक फिल्में दीं. फिर बीआर चोपड़ा का साथ मिला और ‘गुमराह”हमराज’ जैसी फिल्मों में काम किया.
निरूपा रॉय को इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. ‘छाया’ फिल्म का बजट करीब 30 लाख के करीब था. मूवी ने 60 लाख की कमाई की थी. यह 1961 की 15वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. फिल्म औसत साबित हुई थी.
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April 29, 2026, 17:22 IST



